दोस्तों शेर-ओ-शायरी सिर्फ दिल बहला लेने का ज़रिया नहीं है जब कभी ज़िंदगी इम्तेहान लेती है, जब कभी हम उस दौर में पहुंच जाते है जहाँ हमारी हिम्मते टूटने लगती है या जहाँ हमारे हौसले बुझने लगते है तब यही शेर-ओ-शायरी हमारे हौसलों में नयी जान फुक देती है | इसीलिए आज मैं इस पोस्ट में कुछ मशहूर शायरो के ऐसे कुछ बेहतरीन मोटिवेशनल शेर पेश कर रहा हुं -
- मोटिवेशनल शेर -
कश्तियाँ सबकी किनारे पे पहुँच जाती है
नाख़ुदा जिनका नहीं होता ख़ुदा होता है
- आमिर मीनाई -
ना हमसफ़र ना किसी हमनशीं से निकलेगा
हमारे पाँव का कांटा हमीं से निकलेगा
- राहत इन्दोरी -
नाख़ुदा जिनका नहीं होता ख़ुदा होता है
- आमिर मीनाई -
ना हमसफ़र ना किसी हमनशीं से निकलेगा
हमारे पाँव का कांटा हमीं से निकलेगा
- राहत इन्दोरी -




